Visitors online: 003

उमा भारती निर्मल गंगा के लिए संसद से 'गंगा एक्ट' पारित कराएंगी

Home » Headlines

गंगा के प्रदूषण के लिये अशोधित औद्योगिक कचरे से ज्यादा गलत योजनाओं को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय जल संसाधन और गंगा सरंक्षण मंत्री उमा भारती आज कहा कि Сनमामि गंगेТ अभियान के जरिये केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस पवित्र नदी को वर्षों से गंदा किये जाने का प्रायश्चित करने का प्रयास कर रही है।

यहां केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे अभियान के तहत उत्तराखंड में 250 करोड रूपये की लागत वाली 43 परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए भारती ने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिये राज्यों से परामर्श करके शीघ्र Сगंगा एक्टТ बनाया जायेगा जिससे वर्ष 2018 तक गंगा को निर्मल और अविरल बनाया जा सके।

भारती ने कहा, Сगंगा अशोधित जल के कारण उतनी प्रदूषित नहीं हुई है जितनी वह गलत योजनाओं के कारण हुई हैं। नमामि गंगे के तहत शुरू की गयी परियोजनायें गंगा को वषरें से गंदा करने के लिये प्रायश्चित करने हेतु एक प्रकार के सुधारात्मक कदम हैं।Т केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस अभियान से न केवल गंगा नदी को साफ और इसके अविरल प्रवाह को बनाये रखा जायेगा बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि वर्ष 1985 से पिछले 29 सालों में खर्च गंगा एक्शन प्लान के तहत खर्च किये गये करीब 4000 करोड़ भी बेकार न हों।

इस अभियान की सफलता के लिये संसद में Сगंगा एक्टТ पारित करवाने के बारे में केंद्र सरकार के स्तर पर विचार-विमर्श जारी होने की घोषणा करते हुए उमा ने कहा कि उद्योगों को गंगा में अशोधित कचरा डालने से न केवल रोका जायेगा बल्कि उनके शोधित कचरे को भी सिंचाई के काम के लिये अन्यत्र भेजे जाने की व्यवस्था की जायेगी। इस संबंध में उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का कच्चा ड्राफ्ट बनाकर राज्यों को भेजा जायेगा और उनके सुझावों को मिलाकर अंतिम ड्राफ्ट तैयार होगा।

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री ने कहा कि उनकी रगों में खून से ज्यादा गंगा बहती है। उन्होंने कहा कि वह जनता में स्वच्छ गंगा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये आगामी अक्टूबर से गंगा पद यात्रा करेंगी और इस दौरान लोगों का यह बतायेंगी कि इस महान कार्य में वे कैसे अपना कीमती योगदान दे सकते हैं। 

उमा ने यह भी कहा कि गंगा में औद्योगिक कचरा डालने वाले उद्योगों को जेल भेजा जायेगा। गंगा को 50 करोड़ से अधिक लोगों के लिए आजीविका का साधन बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 तक गंगा को निर्मल बनाने का संकल्प है और इसकी प्रगति के परिणाम इस वर्ष अक्टूबर से दिखाई देने लगेंगे। 

आज पूरे देश में करीब 100 स्थानों पर Сनमामि गंगेТ अभियान के तहत 1500 करोड रूपये की 230 परियोजनाओं की शुरूआत की गयी। इस मौके पर गडकरी ने कहा कि अभियान के तहत पूरे देश में 1500 करोड़ रूपये की परियोजनाओं को शुरू कर उमा भारती ने गंगा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सिद्ध कर दिया है।

उन्होंने कहा कि इस साल नमामि गंगे के तहत 60 सीवर ट्रीटमेंट संयंत्र और 50 अन्य बडी परियोजनायें शुरू की जायेंगी। बतौर मुख्य अतिथि दिये अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गंगा को निर्मल एवं स्वच्छ बनाने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से जो भी दायित्व मिलेगा, उसमें पूर्ण सहयोग के साथ काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे योजना को सफल बनाने के लिए वृक्षारोपण एवं वर्षा के जल को संरक्षण करने के लिए बोनस देने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है।


рдиреНрдпреВрдЬрд╝рдкреЗрдкрд░ рдореЗрдВ рджрд┐рдпрд╛ рдЧрдпрд╛ рдЬреЙрдм рдХреЛрдб рджрд┐рдП рдЧрдП    Textbox рдореЗрдВ рджрд░реНрдЬ рдХрд░реЗ рдФрд░ рдЬреЙрдм рд╕рд░реНрдЪ рдХрд░реЗ



Quick Links