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| कश्मीर घाटी में तीसरे दिन सोमवार को भी हिंसा और आगजनी जारी रही जिसमें मरने वालों की तादाद 23 पहुंच गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल घाटी में हिंसा पर काबू पाने के प्रयासों में शामिल होने के लिए केन्या से स्वदेश रवाना हो गए। वहीं, राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि घाटी में कुछ तत्व अपने निहित स्वार्थों को पूरा करने के लिए अशांति पैदा करने पर आमादा हैं और वे निर्दोष जिंदगियों के साथ खेल रहे हैं। उन्होंने कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने तथा आगे बेकसूर जिंदगियों की क्षति और सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों के नुकसान को रोकने के लिए लोगों का सहयोग मांगा। किसी की पहचान बताए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ धड़े नौजवानों की लाशों पर राजनीति करने में दिलचस्पी रखते हैं, जबकि सिर्फ इन नौजवानों के परिवार वालों को इस दर्द के साथ हमेशा जीना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में सैकड़ों ऐसे परिवार हैं जिन्होंने हिंसा में अपने प्रियजनों को खोया है और उनको खुदा के रहमो-करम पर छोड़ दिया गया। महबूबा ने कहा कि ज्यादातर परिवार बहुत बुरी स्थिति में जी रहे हैं और उनको रोजमर्रा की जीविका के लिए संघर्ष करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा, Сऐसे परिवारों तक पहुंचना सरकार की जिम्मेदारी है।Т उन्होंने कहा कि घाटी में शांति बहाल करने के लिए उनकी सरकार कई कदम उठा रही है तथा इस कोशिश में लोगों के सहयोग की जरूरत है। शुक्रवार को युवा हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने को लेकर अलगाववादी प्रायोजित हड़ताल और कर्फ्यू जैसी पाबंदियों के चलते कश्मीर में सामान्य जनजीवन पंगु हो गया है। भीड़ ने सोपोर में एक पुलिस थाने को आग के हवाले कर दिया और कश्मीर में अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठानों के साथ पुलवामा में वायुसेना के हवाईअड्डे को निशाना बनाया। पथराव की घटनाओं में भी कोई कमी नहीं आई है। केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों से कुल 800 अतिरिक्त जवानों को जम्मू कश्मीर भेजा जा रहा है। इससे पहले, शनिवार को 1,200 जवानों को राज्य पुलिस की मदद के लिए जम्मू कश्मीर भेजा गया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, Сकल कुलगाम जिले में एक हिंसक घटना में दो लोगों की मौत हो गई जिनकी पहचान 22 वर्षीय फिरोज अहमद और 38 वर्षीय खुर्शीद अहमद मीर के तौर पर हुई है।Т इनके साथ ही इस हिंसा में मरने वालों की संख्या 23 पहुंच गई है जिसमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। करीब 250 लोग घायल भी हुए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आज सुबह पुलवामा के कोइल में प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने वायुसेना के हवाईअड्डे की तरफ पथराव किया। उन्होंने हवाईअड्डा परिसर के भीतर सूखी घास को भी आग लगा दी। सुरक्षाबलों ने भीड़ को भगाने का प्रयास किया, लेकिन हमलावर फिर से समूह बनाकर बीच बीच में पथराव करते रहे। पथराव की घटनाएं सोपोर, हंदवारा, बंदीपुरा और बारामुला में दर्ज की गई। प्रदर्शनकारियों ने सोपोर में एक फल मंडी स्थित पुलिस थाने में आग लगा दी। हालांकि वहां तैनात कर्मी, हथियार और दस्तावेज आग से बच गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर में तनाव की स्थिति को देखते हुए डोवाल को 24 घंटे पहले ही स्वदेश रवाना कर दिया। वह अधिकारियों से घाटी में घटनाक्रमों का नियमित जायजा ले रहे हैं। डोवाल मोदी के साथ उनकी चार देशों की यात्रा पर गए थे और उनका कल आने का कार्यक्रम था। कश्मीर में स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया, Сयदि समस्याएं हैं, तो उनके समाधान भी हैं। हमें समाधान निकलने का पूरा भरोसा है।Т राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने इस पर विस्तार से चर्चा नहीं की, लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने स्थिति के 72 घंटों के भीतर नियंत्रण में आने का भरोसा जताया। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, Сकश्मीर के लोग कानून का पालन करने वाले और आतंकवाद के खिलाफ हैं। वे शांति, समृद्धि और विकास में भरोसा करते हैं।Т साथ ही सरकारी सूत्रों ने जोर दिया कि हथियार उठाकर नागरिकों या सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाले लोगों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह आज कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित विपक्षी नेताओं से मिले और राज्य में मौजूदा स्थिति पर उनसे चर्चा की। उमर ने बाद में कहा कि उन्होंने केन्द्र को बताया कि जब तक सुरक्षाबल अधिकतम संयम नहीं बरतते और प्रदर्शनकारियों को मारना बंद नहीं करते, घाटी में हिंसा नहीं रकेगी। एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यद्यपि घाटी में दो दर्जन से अधिक जगहों से आगजनी और भीड़ के हमले की घटनाओं की रपटें आई हैं, स्थिति Сनियंत्रणТ में है। उपद्रवी भीड़ ने पुलवामा जिले में पुलिस चौकी को भी आग लगा दी। उन्होंने कहा, Сकुपवाड़ा जिले में त्रेहगाम, करालपोरा, विलगाम, वारपोरा, लैनगेट और करालगुंड, बारामुला में शीरी, सीमेंट ब्रिज और खानपुरा, गंदरबल में प्रेंग, श्रीनगर में हैदरपुरा, बघाट बारजुला, तेंगपुरा और रामबाग, पुलवामा में तहब व प्रिछू, कुलगाम में यारीपुरा, अनंतनाग में संगम व बिजबेहारा, सोफिया में इमामसाहिब व गगरान और बंदीपुरा में पोपचान, कोइल, हाजिन व कलूसा में पथराव की घटनाएं हुईं।Т Сइनके अलावा, उपद्रवियों द्वारा कई पुलिस प्रतिष्ठानों पर भी हमले किए गए। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने स्थिति से निपटने के लिए अधिकतम सख्ती दिखाई।Т प्रवक्ता ने कहा कि बिजबेहरा के जीरपुरा में उग्रवादियों ने पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों पर गोलियां चलाई जिससे तीन लोग घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार से ही दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में मोबाइल टेलीफोनी निलंबित रखा गया है। साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित हैं। रीनगर शहर के कुछ हिस्सों सहित घाटी के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी लगी हुई है। अधिकारियों ने शहर के संवेदनशील इलाकों और घाटी में अन्य जगहों पर सुरक्षाबलों की तादाद बढ़ाई है। जानमाल के नुकसान से बचने के लिए उन्होंने सख्त उपाय किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि दुकानें, निजी कार्यालय, कारोबारी प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि सरकारी कार्यालय और बैंकों में मामूली उपस्थिति दर्ज की गई। सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से ठप रहा, जबकि निजी कारों और आटो रिक्शा को उन इलाकों में चलते देखा गया जहां कोई पाबंदी नहीं है। गर्मी की छुट्टियां होने की वजह से घाटी में शैक्षणिक संस्थान बंद हैं, जबकि कश्मीर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, इस्लामिक युनिवर्सिटी आफ साइंसेज एंड टेक्नोलाजी और जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन ने मौजूदा स्थिति के मद्देनजर परीक्षाएं टाल दी हैं। सय्यद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारख और मोहम्मद यासीन मलिक सहित ज्यादातर अलगाववादी नेता या तो हिरासत में हैं या नजरबंद हैं।
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