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| दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को मोदी सरकार पर केंद्र और दिल्ली के बीच के संबंधों को भारत-पाकिस्तान जैसे हालात में ले जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर रूकावटें पैदा नहीं की गई होती तो उन्होंने शहर के लिए जो उपलब्धियां हासिल की हैं उससे चार गुना ज्यादा उपलब्धियां होतीं।जनता के साथ संवाद कार्यक्रम टॉक टू एके के पहले संस्करण में केजरीवाल ने 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति सीबीआई द्वारा वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी और अधिकारियों के तबादले जैसे कई विवादित मुद्दों पर सवालों के जवाब दिये और प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी की नजर में सिर्फ वह (केजरीवाल) देश के एकमात्र भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं।करीब दो घंटे के इस कार्यक्रम में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र आप सरकार को गिराने की कोशिश कर रहा है। इस कार्यक्रम को आम आदमी पार्टी के संपर्क के बढ़ाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में लोगों ने केजरीवाल से सवाल पूछे। आप संयोजक ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर सीबीआई को संचालित करने का आरोप लगाया और कहा कि हर किसी का दिन आता है और यह बहुत जल्द खत्म होगा। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी पार्टी अगले साल गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ सकती है और आरोप लगाया कि उस राज्य में दमन का माहौल है और लोग भाजपा की सरकार को हटाना चाहते हैं। विज्ञापनों पर अपनी सरकार के खर्च को उचित ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में 526 करोड़ रुपये नहीं, बल्कि 75 करोड़ रुपये खर्च किए गए और उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले पर आरएसएस अफवाह फैला रहा है और दुनिया में अफवाह फैलाने वाला ऐसा कोई दूसरा संगठन नहीं है। केजरीवाल ने कहा, अगर उन्होंने इसे भारत-पाकिस्तान का हालात नहीं बनाया होता तो जो काम हमने किए उससे चार गुना ज्यादा करते। उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री से कहा कि अगर कोई गलती हो गई है तो मुझे माफी करिए, लेकिन इन दिक्कतों को खत्म करिए। बहुत काम हुआ है। परंतु अगर रूकावटें पैदा नहीं होती तो चार गुना ज्यादा काम होता। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, हमने विधानसभा में 14 विधेयक पारित किए जिनमें समय से सेवा आवूर्ति का विधेयक भी शामिल है। इस विधेयक को पारित हुए आठ महीने बीत गए। केजरीवाल ने कहा, रामलीला मैदान के संस्करण वाला जनलोकपाल विधेयक याद है? इसको भी पारित हुए आठ महीने बीत गए और तब से केंद्र की मंजूरी का इंतजार है। इस कार्यक्रम का संचालन संगीतकार और गायक विशाल ददलानी ने किया तथा इसमें उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे। केजरीवाल ने कहा, प्रधानमंत्री की नजर में देश में एकमात्र भ्रष्ट मुख्यमंत्री है। वे हमें तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने दूसरी पार्टियों के साथ सांठगांठ कर ली है। उन्होंने कहा, क्या रॉबर्ट वड्रा, सोनिया गांधी या शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई? वे मुझसे नहीं डरे हैं, बल्कि मेरी ईमानदारी से डरे हुए हैं। पूरा पुलिस बल हमारे पीछे पड़ा है। केजरीवाल ने कहा, केंद्र उसी तरह काम कर रहा है जैसे अंग्रेज हमारे स्वतंत्र सेनानियों के साथ सुलूक करते थे। मैंने विधायकों से कह दिया है कि यह आजादी की दूसरी लड़ाई है। उन्होंने कहा, वे राष्ट्रमंडल घोटाले की जांच नहीं कर रहे हैं। मैंने अपने विधायकों से कहा कि वे जेल जाने के लिए तैयार रहें। अगर राजेंद्र कुमार मेरे कार्यालय में नहीं होते तो मैं पूरे दावे से कहता हूं कि उनकी गिरफ्तारी नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा, अधिकारियों के लिए संदेश है कि वे हमारे के लिए काम नहीं करें। अमित शाह सीबीआई का सूक्ष्म-प्रबंधन कर रहे हैं। परंतु हर आदमी का दिन आता है। बहुत जल्द ये सब चीजें खत्म हो जाएंगी। केंद्र को छात्रों के साथ टकराव मोल नहीं लेने को लेकर आगाह करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अगर मौजूदा हालत बनी रही तो भविष्य में देश के लिए खतरा पैदा हो सकता है। केजरीवाल ने कहा, भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने शिक्षा के बजट में 25 फीसदी की कटौती की है। 82,000 करोड़ रुपये को घटाकर 68,000 करोड़ रुपये कर दिया। अगर युवा पढ़ाई नहीं करेंगे तो देश बर्बाद हो जाएगा। भाजपा के पूर्व विधायक यतीन ओझा के एक पत्र का हवाला देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पत्र में कही बातें सही हैं तो ये बहुत खतरनाक है। पत्र में दावा किया गया था कि अमित शाह और एआईएमआईएम विधायक अकबरूद्दीन ओवैसी ने पिछले साल के बिहार चुनाव से पहले समझौता किया था। उन्होंने कहा, ओझा एक वरिष्ठ वकील हैं जो कभी अमित शाह के करीबी थे। अगर पत्र में जो बात की गई है वो सही है तो यह बहुत खतरनाक है। गुजरात में दमन का माहौल है। शिक्षकों के खिलाफ देशद्रोह के मामले दर्ज किए गए हैं। लोगों ने भाजपा सबक सिखाने का फैसला कर लिया है। दिल्ली सरकार के 11 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले के मुद्दे पर केजरीवाल ने कुछ महत्वपूर्ण मामलों में स्थानीय सरकार से चर्चा की जानी चाहिए तथा उनकी सरकार बाहर से अधिकारियों को लाएगी। केजरीवाल ने कहा, पिछले साल आठ जून को केंद्र ने अर्धसैनिक बलों को भेजकर एसीबी पर कब्जा कर लिया। आज मैं लोगों को रिश्वत लेते हुए देखता हूं, लेकिन कुछ कर नहीं पा रहा। हमने एक साल में 32 अधिकारियों को जेल भेजा था। संसदीय सचिवों की नियुक्ति विवाद पर उन्होंने कहा कि उनको चुनाव आयोग में पूरा विश्वास है और दावा किया कि पंजाब और गुजरात में संसदीय सचिव करोड़ों रुपये का लाभ ले रहे हैं।
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