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| ब्रिटेन में यूरोपीय संघ (ईयू) को लेकर हुये एतिहासिक जनमत संग्रह में हार के बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने शुक्रवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। ब्रिटेन ने 28 देशों के संगठन यूरोपीय संघ (ईयू) से बाहर निकलने (ब्रेक्जिट) के पक्ष में मतदान किया है। कैमरन ब्रिटेन के ईयू में बने रहने के पक्ष में थे। इस फैसले से जहां एक तरफ वैश्विक बाजारों में उठापटक की स्थिति रही वहीं ईयू से अलग होने के बाद ब्रिटेन में आव्रजन और अन्य मुद्दों पर भी सवाल उठने लगे हैं।जनमत संग्रह में ईयू से अलग होने के पक्ष में 51.9 प्रतिशत मत पड़े। हालांकि, कैमरन ने ईयू में बने रहने के पक्ष में काफी सक्रियता के साथ प्रचार किया था। इससे कंजर्वेटिव पार्टी के प्रधानमंत्री के सत्ता में बने रहने को लेकर भी सवाल उठने लगे।जनमत संग्रह के परिणाम की आधिकारिक घोषणा के कुछ ही देर पर अपना संक्षिप्त बयान देने के लिए कैमरन 10 डाउनिंग स्ट्रीट से बाहर निकले और उन्होंने यह कहते हुए इस्तीफा देने की अपनी मंशा जता दी कि नए प्रधानमंत्री यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अक्तूबर में पदभार ग्रहण करेंगे। ब्रिटेन के 49 वर्षीय नेता जब इस्तीफे की घोषणा कर रहे थे तो उनकी पत्नी सामंता उनके पास खड़ी थीं। कैमरन ने अपने दूसरे पांच साल के कार्यकाल में एक साल से कुछ ही अधिक समय बिताया है।उन्होंने विश्व और विशेष तौर पर यूरोपीय देशों को आश्वस्त किया कि इसमें तुरंत कोई बदलाव नहीं आने वाला है। लोग जैसे पहले यात्रा करते थे और ब्रिटेन में सेवाएं बेची जाती थीं उसमें कोई बदलाव तुरंत नहीं आयेगा। कैमरन ने भावुक होकर कहा, Сइस आगे ले जाने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत होगी। यह महत्वपूर्ण है कि मैं जहाज को संतुलित रखने के लिए रूकूंगा लेकिन इसका कप्तान बने रहना ठीक नहीं होगा। मैं मदद करने के लिए सब कुछ करूंगा।Т जनमत संग्रह को विशाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता की इच्छा का सम्मान होना चाहिए और उनके निर्देश पर अमल होना चाहिए। उन्होंने कहा, Сनतीजे के बारे में कोई संदेह नहीं है, मैं विश्व के बाजारों और देशों को आश्वस्त करना चाहूंगा कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था मूल रूप से मजबूत है।Т जनमत संग्रह के अंतिम नतीजों में ब्रिटेन के ईयू के साथ बने रहने के चार दशक से अधिक पुराने रिश्ते को तोड़ते हुये इससे अलग होने के पक्ष में 51.9 प्रतिशत मत पड़े जबकि 48.1 प्रतिशत ने ईयू के साथ बने रहने के पक्ष में मत दिया। जर्मनी के बाद ब्रिटेन यूरोप की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है और ग्रीनलैंड के बाद ईयू से बाहर निकलने वाला ब्रिटेन दूसरा देश है।
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