|
| जम्मू-कश्मीर में सेना पर घातक हमले में उरी शहर में रविवार सुबह भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने एक बटालियन मुख्यालय पर हमला कर दिया, जिसमें 17 जवान शहीद हो गए और 19 अन्य घायल हुए हैं। गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने सोमवार सुबह कहा कि उरी हमले में पाकिस्तान के आतंकियों का हाथ है। इस हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ हमारे पास अहम सबूत हैं। रिजिजु ने यह भी कहा कि हमें पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। सब कुछ लोगों के सामने है। रिजिजू ने कहा कि उरी में आतंकवादी हमले के बाद भारत भविष्य की अपनी कार्रवाइयों पर सावधानी से फैसला करेगा और पाकिस्तान क्या कहता है उस आधार पर वह कुछ नहीं करेगा। यहां रिजिजू ने संवाददाताओं को बताया कि हमें पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। सब कुछ लोगों के सामने है। हम अब अपने कदम सावधानी से उठाएंगे। पाकिस्तान क्या कहता है, यह मायने नहीं रखता है। कश्मीर के उरी में एक सैन्य अड्डे पर पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध सशस्त्र आतंकवादियों के हमले के एक दिन बाद गृह राज्य मंत्री का यह बयान सामने आया है। करीब 25 वर्ष से आतंकवाद से जूझ रहे जम्मू कश्मीर में सेना पर किए गए अब तक के सबसे भीषण हमले पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी कड़ी निंदा की। इससे पहले, किरण रिजिजू ने Сमातृभूमि के लिए अपने जीवन का बलिदान करने वाले उरी हमले के शहीदों किे परिजनों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमलावरों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। गौर हो कि भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने रविवार तड़के उत्तर कश्मीर के उरी नगर स्थित सेना के एक बटालियन मुख्यालय पर हमला किया। इस हमले में 17 जवान शहीद हो गए और 20 अन्य घायल हो गए। हमले में शामिल सभी चार आतंकवादियों को सेना ने मार गिराया।
|