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| उरी हमले के जवाब में नपी-तुली, बहुस्तरीय और रणनीतिक कार्रवाई करने को दृढ़संकल्पित भारत वैश्विक समुदाय के सामने पाकिस्तान की कलई खोलने की दिशा में काम कर सकता है और इसके लिए वह पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को प्रायोजित करने से संबंधित कार्रवाई योग्य सबूत पेश कर सकता है और उस देश को अलग-थलग करने पर जोर दे सकता है। भारत उन चारों आतंकवादियों के पाकिस्तानी हथियारों, खाद्य पदार्थों, एनर्जी पेय और जीपीएस ट्रैकरों का इस्तेमाल करने के साक्ष्य भी पाकिस्तान को सौंपने की योजना बना रहा है। आतंकवादी नियंत्रण रेखा से जम्मू कश्मीर में प्रवेश करने के लिए ये सारी चीजें लाये थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, वित्त मंत्री अरुण जेटली, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग तथा अन्य कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में करीब दो घंटे तक इस बारे में विचार-विमर्श किया जिसके बाद सरकार की कार्रवाई के संबंध में संकेत मिले। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सरकार के आला ओहदेदार इस बात को मानते हैं कि भारत को एक नपी-तुली, बहुस्तरीय और रणनीतिक जवाबी कार्रवाई करनी होगी और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को उजागर करना होगा, जिसकी महासभा का सत्र चल रहा है। योजना के तहत मिलिट्री ऑपरेशन्स के महानिदेशक (डीजीएमओ) उरी हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता बताने वाले सभी सबूतों को जल्द ही अपने पाकिस्तानी समकक्ष के सुपुर्द करेंगे। सूत्रों के अनुसार बैठक में शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को उरी में ब्रिगेड के एक मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के मद्देनजर कश्मीर घाटी में मौजूदा हालात पर जानकारी दी। बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मौजूद नहीं थीं। सूत्रों ने कहा कि रविवार के आतंकी हमले के बाद कश्मीर का दौरा करने वाले रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख ने भी प्रधानमंत्री को अपने मुआयने के बारे में बताया। हथियारों से लैस आतंकियों ने कल सेना के उरी स्थित बेस पर हमला किया था, जिसमें 18 जवान शहीद हो गये। संदेह है कि ये आतंकवादी पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। भारत ने जम्मू-कश्मीर में सेना पर हुए हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा था, Сहम उरी में किए गए इस कायराना आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। मैं देश को यकीन दिलाता हूं कि इस घृणित हमले के पीछे जो लोग भी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
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