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| दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लक्षित हमलों (सर्जिकल स्ट्राइक) पर राहुल गांधी की СदलालीТ वाली टिप्पणी पर शुक्रवार को उनकी आलोचना करते हुए सियासी दलों से अपने मतभेदों को अलग रखने तथा प्रधानमंत्री के साथ खड़े होने की गुजारिश की। केजरीवाल लक्षित हमलों पर अपनी टिप्पणी को लेकर खुद भी निशाने पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहादुरी से अभियान चलाने और नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का श्रेय सशस्त्र सेना के जवानों को दिया जाना चाहिए और इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। केजरीवाल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं उनके बयान की निंदा करता हूं। सेना के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल ठीक नहीं है। खून की दलाली संबंधी टिप्पणी राहुल गांधी ने ठीक नहीं किया। उनका बयान गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम का कदम देश की सुरक्षा के लिए सही है। ऐसे समय में सबको मोदी का साथ देना चाहिए। यहां तक कि राहुल को भी पीएम का साथ देना चाहिए। सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि सेना देश की रक्षा कर रही है। हमें राजनीतिक मतभेद दूर करके सेना के साथ खड़े होना चाहिए। जवानों की शहादत और बहादुरी के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। इस वक्त सभी दलों और देश को पीएम का साथ देना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि हमारे सैनिकों ने बहादुरी से लक्षित हमले किए और आतंकी ठिकानों को तबाह किया। मैंने इसके लिए पहले भी सेना को मुबारकबाद दी थी और एक बार फिर देना चाहता हूं। मैं राहुल गांधी की उस टिप्पणी की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें उन्होंने सेना की कुर्बानी और बहादुरी को Сखून की दलालीТ बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ऐसे शब्दों के इस्तेमाल की निंदा करता हूं। मैंने सदन में भी और वीडियो संदेश में भी कहा था कि सीमा पर तनाव है। समूचे देश को अपने राजनीति मतभेदों को अलग रखकर सेना के पीछे खड़ा होना चाहिए और सुरक्षा के संबंध में प्रधानमंत्री के कदमों का समर्थन करना चाहिए। इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। संयोग से केजरीवाल भी उस समय विवादों में आ गए थे जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लक्षित हमलों पर पाकिस्तान के अभियान को СउजागरТ करने की मांग की थी। भाजपा ने आप प्रमुख की टिप्पणी को सबूत मांगने के बराबर और सेना का अपमान बताया था। इससे पहले, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों के सफाये के लिए किए गए सेना के लक्षित हमले के सिलसिले में अरविंद केजरीवाल ने साक्ष्य सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी। गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस नेताओं पी चिदंबरम तथा संजय निरूपम ने सेना के अभियान के दावे के समर्थन में सबूत मांगे थे।
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